BASTI/UTTAR PRADESH-बस्ती श्री राम सहाय सिंह कन्या महाविद्यालय महरीपुर द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत आयोजित विशेष शिविर के तीसरे दिन स्वयंसेविकाओं ने ग्राम कुसमौर में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
सुबह शिविर की शुरुआत स्वयंसेविकाओं द्वारा गांव में साफ-सफाई अभियान से हुई, जिसमें छात्राओं ने गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।
विशेष शिविर में दोनों इकाइयों की स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन स्वामी विवेकानंद इकाई के कार्यक्रम अधिकारी सत्य प्रकाश सोनकर तथा रानी लक्ष्मीबाई इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रुखसार फातिमा के नेतृत्व में किया गया।
शिविर के चतुर्थ दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के सहायक आचार्य सूर्यपाल वर्मा ने मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण करना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार किसानों को सब्सिडी देकर खेतों में पौधारोपण के लिए प्रेरित करे तथा पौधों की सुरक्षा के लिए बाड़ लगाने की व्यवस्था भी की जाए, जिससे पौधे सुरक्षित रह सकें और पर्यावरण संतुलन बना रहे।
इसके बाद स्वयंसेविकाओं द्वारा ग्राम कुसमौर के बारी पुरवा में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से छात्राओं ने ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने, अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दिया। रैली के दौरान स्वयंसेविकाओं ने लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के महत्व के बारे में भी बताया।
रैली के उपरांत सभी स्वयंसेविकाएं पुनः शिविर स्थल पंचायत भवन कुसमौर पहुंचीं, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं ने गीत, भाषण और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता का संदेश दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी सत्य प्रकाश सोनकर,डॉ रुखसार फातिमा,महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी,दुर्गेश शुक्ला,सूर्यपाल वर्मा, आशुतोष त्रिपाठी सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक,और स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहीं।
AFJAL QURAISHI-BASTI
