*एमएमएमयूटी और गुरुकृपा संस्थान का हुआ एमओयू*
*राष्ट्रहित जनहित में मिलकर करेंगे कार्य कुलपति*
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर तथा गुरुकृपा संस्थान (रजि.), गोरखपुर के मध्य आज एक महत्त्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) संपादित किया गया। यह समझौता शिक्षा, अनुसंधान, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय चेतना तथा समाजसेवा के विविध क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रतिबद्ध है। गुरुकृपा संस्थान (रजि.) गोरखपुर शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा, स्वावलंबन, कौशल विकास, खेलकूद, पर्यावरण संरक्षण, नशा उन्मूलन तथा राष्ट्रीय चेतना के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय एक प्रतिष्ठित संस्था है। दोनों संस्थाओं ने संयुक्त रूप से समाज और राष्ट्रहित में दीर्घकालिक कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया है।
इस समझौता ज्ञापन का प्रमुख उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान, उनके आदर्शों के संरक्षण एवं प्रसार के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, इतिहासबोध एवं राष्ट्रनिर्माण की चेतना का विकास करना है। साथ ही शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक शिक्षा, तकनीकी मार्गदर्शन, चिकित्सा सुविधाओं, स्वावलंबन एवं कौशल विकास के अवसर पहुँचाना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
इस एमओयू के अंतर्गत निम्न प्रमुख उद्देश्य निर्धारित किए गए हैं—
स्वतंत्रता सेनानियों एवं परिजनों का सम्मान और अभिनंदन, युवाओं एवं विद्यार्थियों में देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का विकास, स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों एवं संगोष्ठियों का आयोजन, विश्वविद्यालय के सामाजिक दायित्वों के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक एवं कौशल विकास से संबंधित गतिविधियाँ संचालित करना, खेलकूद एवं शारीरिक स्वस्थता के माध्यम से पर्यावरण एवं स्वास्थ्य जागरूकता का प्रसार करना तथा नशा उन्मूलन एवं राष्ट्रीय चेतना संबंधी कार्यक्रमों का संचालन करना।
दोनों संस्थाएँ निम्नलिखित क्षेत्रों में परस्पर सहयोग करेंगी—
स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान हेतु संयुक्त कार्यक्रमों का आयोजन, विश्वविद्यालय परिसर अथवा उपयुक्त स्थलों पर सम्मान समारोह, व्याख्यानमाला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दस्तावेजों, संस्मरणों एवं अनुभवों के संरक्षण और प्रचार–प्रसार में सहयोग, विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु विशेष गतिविधियों एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन, तथा समाज सेवा के तहत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, चिकित्सा, स्वावलंबन, कौशल विकास, खेलकूद, पर्यावरण जागरूकता, नशा उन्मूलन एवं राष्ट्रीय चेतना संबंधी विविध कार्यक्रमों का संयुक्त आयोजन।
इस अवसर पर दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता न केवल अकादमिक और सामाजिक क्षेत्रों के बीच सार्थक सेतु का कार्य करेगा, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने तथा राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया को सशक्त बनाने में भी मील का पत्थर सिद्ध होगा।
विश्वविद्यालय एवं संस्था ने प्रेस नोट के माध्यम से समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया है कि वे इस अभियान से जुड़कर राष्ट्रहित एवं समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।
इस अवसर पर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जे पी सैनी रजिस्टर चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी, प्रोफेसर विनोद कुमार गिरी , प्रोफेसर बी के पांडे डॉक्टर अवधेश सिंह गुरुकृपा संस्थान के अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रवाल, संस्थापक महासचिव बृजेश राम त्रिपाठी अखिल भारतीय क्रांतिकारी सम्मान संघर्ष मोर्चा के महानगर महामंत्री श्रद्धानंद त्रिपाठी सहित विश्वविद्यालय के आचार्य गण और कर्मचारी मौजूद रहे।
