हर घर नल' योजना बनी मजाक, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग, ग्रामीणों में आक्रोश

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बस्ती/उत्तर प्रदेश- जिला में बहादुरपुर विकासखंड के शेखपुरा गांव में ‘हर घर जल योजना’ कागजों में ही सिमटकर रह गई है। गांव में बिछी पाइपलाइन और लगे नलों से जलापूर्ति अनियमित होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शिकायत के बाद कुछ दिन पानी आता है, फिर आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाती है। नतीजतन, ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है।

ग्रामवासियों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उन्हें कभी नियमित रूप से नहीं मिला। सभी आवश्यक ढांचा मौजूद होने के बावजूद नलों से पानी न आना विभागीय लापरवाही का प्रमाण है।

राम कुमार अग्रहरि ने कहा, “जनकल्याणकारी योजनाओं का इस तरह दुरुपयोग होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा से ग्रामीणों को वंचित रखना गंभीर लापरवाही है। प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।”

इसी तरह शत्रुघ्न चौधरी, जयप्रकाश, महेश कुमार, अभिषेक चौधरी और हरि कृष्ण सहित कई ग्रामीणों ने कहा कि जल आपूर्ति की अनियमितता से सबसे ज्यादा महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हैं। उन्हें पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।

ट्री इनिशिएटिव्स सोसाइटी के संस्थापक सदस्य बाल कृष्ण पटेल ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल, केंद्र सरकार के पोर्टल और जल निगम तक कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

रिपोर्टर-अफ़ज़ाल क़ुरैशी-बस्ती
8808210553

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