क्या है रूद्राभिषेक की मान्यता ? आचार्य आकाश तिवारी

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क्या है रूद्राभिषेक की मान्यता ? आचार्य आकाश तिवारी

रूद्राभिषेक भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। रूद्राभिषेक करने से मनुष्य यशस्वी, दीर्घायु, उच्च पद प्राप्ति आदि आकांछाओं की पूर्ती इत्यादि प्राप्त करता है। हर वर्ष श्रावणमास आता है। यह मास अपने आप में शिवपुजन के लिए महान शक्ति रखता है। जब एक दिन की शिवरात्री में ही भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न किया जा सकता है, तो एक माह के पुजन की महिमा का वर्णन क्या किया जा सकता है। इस मास में भगवान भोलेनाथ का पूजन ठीक उसी प्रकार करना चाहिए, जैसे बारात में दूल्हे का पूजन किया जाता है, हमें आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि भगवान विष्णु के इस माह में उनके आराध्य भोलेनाथ का जप तप एवं पूजन हवन आदि करके सभी दुख रोग व्याधि आदि का समूल नष्ट किया जा सकता है। मूलतः जिनके घर में क्लेश रहता है, बच्चों का मन पढ़ने में नहीं लगता है, जिसके घर में आय से अधिक व्यय हो उसके लिए इस मास में शिव पूजन अवश्य ही लाभदायक होगा। रूद्राभिषेक, रूद्र, महा , अति रूद्र, महा मृत्युंजय मंत्र, अकाल मृत्यु एवं अप मृत्यु टालने से लेकर जीवन के प्रत्येक अढ़चनों, रूकावटों एवं मुसीबतों से छुटकारा पाने में लाभकारी है। जहां तक की आपकी जानकारी के लिए बता दु कि रूद्राभिषेक दो ब्राह्मण के द्वारा, पांच ब्राह्मण के द्वारा, ग्यारह, इक्कीस या  सामर्थ के अनुसार ब्राह्मण से साधारण एवं नमक-चमक के साथ पाठ कराने से मनोकामना पूर्ण होती है। रूद्राभिषेक मे शिव लिंग पर जल की धार के  साथ साथ अपनी कामनाओ की पूर्ती के लिए अनेकों प्रकार की सामग्री जैसे- गन्ने का रस, दूध, जूस,कुशा का रस,सरसो तेल इत्यादि सामग्रियों का अपना-अपना महत्व है। जब किसी जातक के जीवन में अपने आप को शत्रुओं से घिरा महसूस करे तो किसी तिथि में शिववास देखकर सरसो के तेल के द्वारा अभिषेक करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। जब कभी भी अपने व्यापार मे एकाएक दैनिय स्थिति आ जायें जैसे कि अपकी कम्पनी के कर्मी एवं सभी सदस्य गण आपके विपरीत हो जायें या जिन संस्थाओं से आपका काम चल रहा हो वहां से काम मिलना बन्द हो जाये या नौकरी क्षेत्र में पदोन्नती न हो रही हो नमक-चमक के साथ रूद्राभिषेक कराने पर विपरीत परिस्थितियों से मुक्ति प्राप्त होती है। जब कभी शरीर में असाध्य रोग उत्पन्न हो जाये जिसका इलाज  डाॅक्टर और वैद्य के पास नहीं हो। तो ऐसी परिस्थिति में अपनी कुण्डली को किसी योग्य ज्योतिषी के द्वारा दिखाकर कुशोदक मिश्रित जल के द्वारा नमक चमक के साथ रूद्राभिषेक करने से मनुष्य को अल्प आयु से मुक्ति मिलती है, और संसार में पूर्ण आयु को भोगकर मोक्ष को प्राप्त होता है।रूद्राभिषेक वैदिक विद्वानों के द्वारा ही सम्पन्न करायें जिससे आपके लिए लाभकारी हो, अन्यथा मंत्र उच्चारण में त्रुटि होने पर हानिकारक भी हो सकता है। 

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🔱हर हर महादेव🔱

🙏🏻जय श्री कृष्ण🙏🏻

✍️आचार्य आकाश तिवारी

  🌹संपर्क सूत्र 9651465038🌹

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