*एक वर्ष में एमएमएमयूटी के कुलपति ने 71 योजनाओं पर किया कम, मिली लाखों उपलब्धियां*
*एमएमएमयूटी विश्वविद्यालय को टॉप रैंकिंग में दिलाई जगह कुलपति जेपी सैनी*
गोरखपुर । मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के चतुर्थ कुलपति के रूप में प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी द्वारा 27.9.2024 को कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत कार्यकाल का प्रथम वर्ष 26.9.2024 को पूर्ण हो गया । इस 1 वर्ष में विश्वविद्यालय ने शिक्षण प्रशिक्षण अनुसंधान सहित प्रशासनिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की ।
कुलपति जेपी सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के विकास हेतु किए गए कार्यों को सफलता पूर्वक कर लिया गया है और भविष्य में विश्वविद्यालय एवं छात्रों के विकास की योजनाओं को लागू कर दिया गया है जल्द ही उनको भी पूरा कर लिया जाएगा।
इन उपलब्धियां में सबसे बड़ी उपलब्धियां थी जैसे-
विश्वविद्यालय NIRF 2024 में 3 कटेगरी में प्रथम बार स्थान बनाने में सफल रहा। देश के समस्त इन्जीनियरिंग संस्थानों में 84वें स्थान पर, देश के समस्त विश्वविद्यालय कैटेगिरी रैंकिंग में 94वें स्थान पर देश के समस्त एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कैटेगिरी में 400 स्थान पर रहते हुए रैंकिंग के तीनों प्रारूप में प्रथम 100 संस्थानों में स्थान बनाते हुए प्रदेश का प्रथम विश्वविद्यालय बनने का गौरव प्राप्त किया।
छात्रों के कौशल विकास को व्यवस्थित करने हेतु प्रथम बार Adjunct Faculty एवं Professor of
Practise की नियुक्ति का प्रावधान कर Adjunct Faculty एवं Professor of Practise पर्दा पर कुल 17 नियुक्तियाँ।
स्टार्टअप नीति सुव्यवस्थित करने के लिए CEO, Manager एवं अन्य पर्दा का सृजन एवं विज्ञापन।
छात्रों की समाज सेवा में सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से Centre of Extension and Field Outreach की स्थापना।
NEP-2020 के तहत Multiple Entry Multiple Exit Policy की व्यवस्था।
रोजगार परक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए प्रवेश क्षमता का पुनः निर्धारण।
ABC Portal पर समस्त छात्रों का पंजीयन ।
परीक्षा परिणाम दो सप्ताह में घोषित करने की व्यवस्था।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की अधिसूचना 11 अप्रैल 2023 के अन्तर्गत छात्रों की शिकायतों के
निवारण हेतु लोकपाल (Ombudsman) की नियुक्ति।
विश्वविद्यालय को वैश्विक परिप्रेक्ष्य के अनुरूप विकसित करने एवं शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और प्रभावी करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में अधिष्ठाता (Dean) के पांडे का पुनर्गठन।
डिग्रियों के साथ-साथ अंकतालिकाओं का भी डिजीलाकर पर अपलोडिंग करने की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए पिछले 05 वर्षों की समस्त अंकतालिकायें डिजीलॉकर पर अपलोड कर दी गयी हैं।
विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल का माननीय कुलाधिपति महोदया द्वारा दिनांक 24 जून, 2024 को उद्घाटन।
समर्थ पोर्टल के सभी 42 माड्यूल्स का इण्टेयेशन तथा समर्थ के माध्यम से वेतन निर्गमन, आनलाइन अटेन्डेन्स, लीव, परीक्षा परिणाम, हास्टल एलाटमेण्ट, फी कलेक्शन, एडमिशन, रिक्रुटमेण्ट इत्यादि सम्पूर्ण कार्यों का निष्पादन।
विश्वविद्यालय लाइब्रेरी हेतु 116 लाख लागत की नवीन ई-बुक का क्रय।
पुरस्कार धनराशि रू०2 लाख, रू० 50 हजार एवं रू0 20,000/- निर्धारित किया जाना प्रस्तावित है तथा अन्तर्राष्ट्रीय पेटेण्ट कराने पर रु0 50,000/- एवं राष्ट्रीय पेटेण्ट कराने पर रू0 25,000/- की पुरस्कार धनराशि एवं विश्वविद्यालय में प्रोजेक्ट लाने पर प्रोजेक्ट याण्ट के ओवरहेड का 50 प्रतिशत पुरस्कार राशि निर्धारित किया जाना प्रस्तावित है।
सत्र 2023-24 में कुल 36 पीएच० डी० उपाधि प्रदान की गयी, जो कि अभी तक किसी एक सत्र में
विश्वविद्यालय द्वारा सबसे ज्यादा उपाधि है। सत्र 2023-24 में विश्वविद्यालय में रु० 8.59 करोड़ लागत के 23 पीजेक्ट चल रहे हैं एवं 23.22 करोड लागत के 18 प्रोजेक्ट पूर्ण हो गये हैं तथा 2.32 करोड़ के 22 कन्सलटेन्सी प्रोजेक्ट्स हैं।
रिसर्च तथा प्रयोगशालाओं के लिए 11.50 करोड़ लागत से नये उपकरणों की व्यवस्था। विश्वविद्यालय के तीन विभागों में 18 संविदा शिक्षकों एवं अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गयी है तथा 61 संविदा शिक्षक, 4 गैर शैक्षणिक पद एवं सेक्शन-8 कम्पनी हेतु 2 प्रशासनिक पद विज्ञापित कर दिये गये हैं, साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में रिक्त 110 नियमित शैक्षिक पदों की भर्ती के विज्ञापन के उपरान्त स्क्रीनिंग प्रक्रिया प्रचलन में है एवं यथाशीघ्र
नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण कर ली जायेगी। 67 गैर शैक्षणिक तृतीय संवर्ग के पर्दा पर नियुक्ति हेतु अधियाचन अधिनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रेषित ।
स्व वित पोषित पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु 75 शिक्षकों के पदों का सृजन ।
विश्वविद्यालय ने कुल 08 संस्थाओं के साथ समझौता करार किया जो निम्नवत है:-
विश्वविद्यालय द्वारा 04 अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं 01 राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जो कि निम्नवत है:-
ग्रीन कैम्पस के तहत कैम्पस का इनर्जी आडिट कराया गया तथा रिपोर्ट की संस्तुतियों के अनुरूप कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। विश्वविद्यालय के समस्त लॉन के विकास का कार्य प्रारम्भ।
विश्वविद्यालय में गत वर्ष प्रबन्ध बोर्ड की 09, विद्या परिषद की 05, वित्त समिति की 03 एवं परीक्षा
समिति की 02, शैक्षणिक विभागों की बोर्ड ऑफ स्टडीज, की 54, आई०क्यू०ए०सी० सेल की 10 तथा प्रत्येक विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने हेतु पृथक से विभागवार गठित आई०क्यू०ए०सी० की वर्ष 2023-24 में कुल 39 बैठकें संपन्न हुई हैं। विश्वविद्यालय में 29.08.2024 को 9वें दीक्षान्त समारोह का आयोजन किया गया जिसमें पद्मभूषण
श्री एस० नाम्बी नारायणन, भू०पू० वैज्ञानिक इसरो मुख्य अतिथि रहे।
वर्ष 2023-24 में समस्त विभागों की पिछले 03 वर्षों का Academic Audit कराया जा चुका है।
रूमा योजना क02.50 करोड़ की लागत से कम्प्यूटर्स एवं अत्याधुनिक रिसर्च Sofware क्रय कर विभागीय प्रयोगशालाओं एवं ITRC का उच्चीकरण किया गया।
विश्वविद्यालय में ऑनलाइन डियौ पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु Centre for Distance & Online Education की स्थापना कर यू०जी०सी० में आवेदन किया गया।
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2023-24 की परीक्षायै निर्धारित शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुसार सम्पन्न कराकर समय से परीक्षाफल की घोषणा।
विश्वविद्यालय शैक्षणिक गुणवत्ता तथा शोध एवं विकास सम्बन्धी क्रिया कलापों के संवर्धन हेतु विश्वविद्यालय कृत संकल्पित है।
शिक्षकांते एवं छात्रों द्वारा वर्ष 2023-24 में विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 361 शोध पत्र, राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में 75 शोध पत्र तथा 38 पुस्तक अध्याय/पुस्तकं/मोनोग्राफ आदि के प्रकाशन के साथ 31 जुलाई, 2024 को विश्वविद्यालय का स्पजंजपवद Citation Score 17,085 हजार से बढ़कर 18,200 तथा Hi Index 35 से बढ़कर 50 हो गया है।
इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विश्वेस्वरैया योजना के अन्तर्गत कृषि एवं सम्बन्धित क्षेत्रो के उपयोग हेतु सेमी कण्डक्टर तथा मल्टीपल ड्रोन प्रणाली के विकास हेतु रू0 1.12 करोड़ की तीन रिसर्च फेलोशिप प्रदान की है। इसी प्रकार भारत सरकार की चिप टू स्टार्टअप परियोजना के अन्तर्गत विश्वविद्यालय को रु0 85 लाख की शोध परियोजना प्रदान की गयी है। नाबार्ड द्वारा मत्स्य पालकों के लिए Fish Pond Monitoring System के विकास हेतु रु0 30 लाख तथा UPDST द्वारा सौर उर्जा चलित इलेक्ट्रिक मोटर बोट प्रणाली हेतु रु० 19.50 लाख की Grant प्राप्त हुई है।
शैक्षणिक सत्र 2023-24 में 76 संगोष्ठियों एवं व्याख्यानों का आयोजन तथा शिक्षकों द्वारा 200 से अधिक संगोष्ठी, सम्मेलन एवं व्याख्यान में प्रतिभाग किया गया। छाओं की मनोवैज्ञानिक समस्याओं के समाधान हेतु एक काउंसलन की नियुक्ति की गयी है।
वर्ष 2023-24 में देश-विदेश की 115 से अधिक प्रतिष्ठित कम्पनियों में 90 प्रतिशत से अधिक अर्ह छात्रों को प्लेसमेण्ट मिल चुका है। इस वर्ष अमेजन द्वारा अधिकतम रु० 42 लाख वार्षिक पैकेज दिया गया है।
125 से अधिक छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा GATE/CAT उत्तीर्ण की है।
छात्र-छात्राओं को Industries में Internship हेतु Cognavi India Ltd., Smart Bridge, Swades, Wadhwani Foundation, Red Hat आदि संस्थानों से MoU किये गये हैं।
माननीय प्रधानमंत्री जी की विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के दृष्टिगत युवाओं को दक्ष एवं कुशल बनाने की भारत सरकार की राष्ट्रीय अप्रेन्टिस प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत प्रति वर्ष डिप्लोमा धारक 47 युवाओं को विश्वविद्यालय में अप्रेन्टिस के रूप में प्रशिक्षित किया जायेगा तथा प्रत्येक प्रशिक्षुओं को रु० 9,000/- मानदेय प्राप्त होगा, जिसमें 50 प्रतिशत धनराशि विश्वविद्यालय अपने श्रोतों से वहन करेगा।
माननीय प्रधानमंत्री जी के एक वृक्ष माँ के नाम आह्वान पर इस वर्ष विश्वविद्यालय में 50 चंदन के वृक्षों सहित 1000 से अधिक नये वृक्ष लगाये गये हैं।
स्नातक स्तर पर "सोशल इंटर्नशिप" को पाठ्यक्रम का अनिवार्य अंग बनाया गया है तथा विश्वविद्यालय की प्रसार गतिविधियों तथा सामाजिक दायित्यो के सम्यक निर्वाह के लिए Centre for Extension and Field Outreach की स्थापना की गयी है।
आगामी वर्ष के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना निम्नवत है:-
• विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार के साथ अन्तर्राष्ट्रीय रैंकिंग की तैयारी।
शैक्षणिक गतिविधियों, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में परस्पर सहयोग हेतु उद्योग एवं राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ कम से कम 10 समझौता करार करने का लक्ष्य।
