भाष्कर विश्वकर्मा ने एम्स‑गोरखपुर को देहदान का संकल्प लिया
गोरखपुर, 5 जून (दोपहर 3 बजे) — सुभसा स्कल्पटर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष और प्रख्यात मूर्तिकार भाष्कर विश्वकर्मा ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर को अपनी देहदान करने का संकल्प लिया। भाष्कर विश्वकर्मा ने इस बारे में एम्स‑गोरखपुर के निदेशक के समक्ष लिखित सहमति देकर औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर दी।
भाष्कर विश्वकर्मा ने समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और चिकित्सा शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की। उनके इस कदम को भावी चिकित्सकों के प्रशिक्षण और चिकित्सा अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के संदर्भ में उनके इस निर्णय को प्रेरणादायी कदम बताया जा रहा है।
परिचय और पृष्ठभूमि:
भाष्कर विश्वकर्मा मूर्तिकला के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हैं। इन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मूर्तिकला का प्रशिक्षण प्राप्त किया है और सुभसा स्कल्पटर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे लंबे समय से जनहितकारी गतिविधियों में योगदान देते आए हैं।
शैक्षिक पृष्ठभूमि: प्रारम्भिक शिक्षा — प्राइमरी पाठशाला भटिया; इंटरमीडिएट — जनता शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, दुबारी।
पारिवारिक जानकारी: पिता — जयसिंह विश्वकर्मा; माता — इसरावती देवी; पत्नी — निशा विश्वकर्मा।
विशेष टिप्पणी:
भाष्कर का यह निर्णय स्थानीय कला‑समुदाय और सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों में प्रशंसा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कदमों से देहदान के सकारात्मक पहलुओं पर सार्वजनिक संवाद को बल मिलेगा।
