श्रीराम विवाह प्रसंग सुनकर श्रोता हुए भावविभोर

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बस्ती/उत्तर प्रदेश-नगर थानाक्षेत्र के अठदमा गाँव में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के सप्तम दिवस में सोमवार को कथा व्यास महन्थ गिरजेश दास जी महाराज दिगम्बर अखाडा पोखरा सरकार ने श्रीराम विवाह प्रसंग का मनोहारी वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि किस प्रकार जनकपुरी में राजकुमारी सीता स्वयंवर का आयोजन हुआ और भगवान श्रीराम ने शिव धनुष उठाकर सहजता से तोड़ दिया। इस प्रसंग का वर्णन होते ही पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा।
महाराज जी ने विस्तार से बताया कि भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह केवल दो आत्माओं का मिलन नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा और आदर्शों का संगम है। विवाह के इस प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भक्तिभाव से सराबोर हो गए। श्रोताओं ने कहा कि इस कथा के माध्यम से उन्हें ऐसा लगा मानो स्वयं मिथिला नगरी में उपस्थित होकर दिव्य विवाह समारोह का साक्षात्कार कर रहे हों।
कथा स्थल पर महिलाओं,बच्चों और बुजुर्गों की भारी भीड़ रही। इस मौके पर मुख्य यजमान पूर्णमासी गौड व उनकी धर्म पत्नी मंजू देवी,कक्कू शुक्ला,विवेक,अशोक बाबा,इन्द्रराम,जयहिन्द,विकाश,मुकेश,लाला,श्रीराम गौड,चंदू,सोनी,रिंकी,गुडडी,लिटिल,प्रीती,आदि भारी मात्रा में श्रद्धालू उपस्थित रहे।पूरा वातावरण"जय श्रीराम"और "सीताराम"के जयघोष से गूंजता रहा। 

भक्तजन कथा का आनंद लेते हुए भक्ति रस में डूबे नजर आए। वहीं, आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए बैठने और प्रसाद की समुचित व्यवस्था की थी।कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, धैर्य और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है। विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उन्होंने समझाया कि गृहस्थ जीवन में भी त्याग,समर्पण और कर्तव्य ही सर्वोपरि हैं। 

व यह कार्यक्रम गुरुवार को विशाल भण्डारा के साथ सम्पन्न होगा पूज्य महाराज श्री श्री ने सभी क्षेत्रवासियों को कार्यक्रम में सादर आमन्त्रित किया है कथा समय शाम 7 बजे से रात्रि हरि इच्छा तक कार्यक्रम के अंत में भजन संकीर्तन हुआ और प्रसाद वितरण किया गया।

श्रोताओं ने भावुक होकर कहा कि इस कथा ने उन्हें अध्यात्म और भक्ति से जोड़ने का अनमोल अवसर प्रदान किया है।

रिपोर्टर-अफ़ज़ाल क़ुरैशी-बस्ती
8808210553

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