सुधार गृह में रह कर, सकारात्मक उर्जा से जीवन निखार रहे जेल बन्दी

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सुधार गृह में रह कर, सकारात्मक उर्जा से जीवन निखार रहे जेल बन्दी
गोरखपुर। जिला कारागार गोरखपुर में बन्दियों को सकारात्मक उर्जा एवं जीवन को सकारात्मक प्रेरणा देने के लिये एक सकारात्मकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय अग्रेजी के प्रोफेसर डा० आमोद राय, सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार शैलेशमणि त्रिपाठी उर्फ मोबाईल बाबा एवं आकाशवाणी की उद्घोषिका अमृताधीर मेहरोत्रा उपस्थित हुये। जेल अधीक्षक डी. के पाण्डेय द्वारा उनका स्वागत कर कार्यक्रम को प्रारम्भ किया। प्रोफेसर डा० आमोद राय ने बन्दियों को सकारात्मक उपदेश के रूप में एक बन्दी विनोद साहनी का उदाहरण देते हुये बताया कि कारागार/सुधार गृह में ही रहते हुये मूर्ति कला सीखा। आज उनकी बनाई मूर्तियां देश विदेश में बिक रही हैं। बन्दी सूर्यकान्त जो मेरठ जेल में निरूद्ध था।
जेल में उसने क्रिकेट खेलने वाले वैट को बनाना सीखा आज वह क्रिकेट खेल कम्पनियों में सलाहकार है। इसी कड़ी में बन्दी बुडैल जैल जो चण्डीगढ़ जेल में निरूद्ध रहते हुये मिठाई बनाना सीखा, आज उसके पास 17 मिठाईयों के पेटेन्ट हैं। व्यंग्यकार शैलेशमणि त्रिपाठी, मोबाईल बाबा ने बन्दियों को हास्य व्यंग्य की कविता सुनाकर सबको हसायां तथा निराश न होने की सलाह दिया। उन्होने अमिताभ बच्चन का उदाहरण देते हुये बताया कि अमिताभ बच्चन के जीवन में कभी बहुत बडी समस्या आयी लेकिन वे निरान नहीं हुए, हार नही मानी पुनः अपने जीवन को स्थापित किया आज वह एक बडी मुकाम हासिल कर चुके है। प्रत्येक मनुष्य के जीवन में अच्छे अवसर आते है और मनुष्य अपनी मेहनत लगन से सफल बन सकता है। 
आकाशवाणी उद्घोषिका श्रीमती अमृताधीर मेहरोत्रा ने भगवान श्रीकृष्ण पर कविता के माध्यम से बन्दियों के बीच सकारात्मकता का संचार किया। जेल अधीक्षक डी.के पाण्डेय ने अपने सम्बोधन में बताया कि सरकार बन्दियों के हित में विभिन्न प्रकार की सुधारात्मक योजना ला रही है। बन्दियों के प्रति सरकार के सहयोगात्मक व्यवहार से जिला कारागार गोरखपुर में निरुद्ध सिद्धदोष महिला बन्दी सोनवा देवी पत्नी रामसिंगार निवासी बेलवादाखिली थाना बड़हलगंज जनपद गोरखपुर को दिनांक 20. 08.2025 को समयपूर्व रिहा किया गया। साथ ही जमानतदार के अभाव में निरूद्ध बन्दियों को जमानतदार की व्यवस्था कर निरन्तर रिहा किया जा रहा है कारागार में बन्दियों के सुधार हेतु विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण एवं लाईब्ररी संचालित है।
इस अवसर पर जेलर अरूण कुमार कुशवाहा, नरेश कुमार, डिप्टी जेलर विजय कुमार, आदित्य कुमार जायसवाल, कृष्णकुमारी, अमिता श्रीवास्तव, एवं अन्य कारागार कर्मी उपस्थित रहें।
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