बस्ती/उत्तर प्रदेश-जिले के बहादुरपुर ब्लॉक के मटेरा गांव में मनरेगा योजना के तहत भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, यहां 300 मजदूरों के नाम पर फर्जी मस्टरोल बनाकर लाखों रुपये की लूट की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना काम कराए फर्जी मजदूरों के नाम पर भुगतान निकाला जा रहा है, जबकि असली मजदूरों को उनका हक नहीं मिल रहा। मटेरा पंचायत भ्रष्टाचार का नया अड्डा बन चुकी है, और जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, मस्टरोल में ऐसे लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं, जिनका गांव से कोई संबंध नहीं है। फर्जी दस्तखतों के जरिए भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि असली मजदूर दर-दर भटक रहे हैं, जबकि फर्जी नामों पर मजदूरी का पैसा निकाला जा रहा है। ग्रामीणों ने इस घोटाले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सवाल उठ रहे हैं कि क्या बहादुरपुर ब्लॉक के बीडीओ भी इस गोरखधंधे में शामिल हैं? ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय प्रधान और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
मटेरा में हो रही इस लूट ने मनरेगा योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस मामले में प्रशासन की चुप्पी और जांच में देरी ने भ्रष्टाचार के इस खेल को और गहरा कर दिया है।
रिपोर्टर-अफ़ज़ाल क़ुरैशी-बस्ती
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