अक्षय तृतीया का दुर्लभ संयोग

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अक्षय तृतीया का दुर्लभ संयोग : बुधवार को सायं 6 बजे तक बन रहा है रोहिणी नक्षत्र, शोभन एवं सर्वार्थ सिद्धि योग में अक्षय तृतीया का दुर्लभ  संयोग:-* 
*शास्त्रों में अक्षय तृतीय को स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना गया है और इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग संपूर्ण दिवस व्याप्त है। अक्षय तृतीया के दिन मांगलिक कार्य जैसे-विवाह, गृहप्रवेश, व्यापार अथवा उद्योग करना या इनका का आरंभ करना अति शुभ फलदायक होता है। सही मायने में अक्षय तृतीया अपने नाम के अनुरूप शुभ फल प्रदान करती है। अक्षय तृतीया पर सूर्य व चंद्रमा अपनी उच्च राशि में रहते हैं।*
*इस दिन होता हैं, अक्षय तृतीया का 10 विशेष महत्व-*
  *आकाश तिवारी*
*1.“न माधव समो मासो न कृतेन युगं समम्।*
*न च वेद समं शास्त्रं न तीर्थ गंगयां समम्।।”*

*वैशाख के समान कोई मास नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं हैं, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है। उसी तरह अक्षय तृतीया के समान कोई तिथि नहीं है।*

*2 .अक्षय तृतीया के विषय में मान्यता है कि इस दिन जो भी काम किया जाता है वह अक्षय हो जाता हैं। और उसमें बरकत होती है। यानी इस दिन जो भी अच्छा काम करेंगे उसका फल कभी समाप्त नहीं होगा अगर कोई बुरा काम करेंगे तो उस काम का परिणाम भी कई जन्मों तक पीछा नहीं छोड़ेगा।*

*3. इस दिन धरती पर गंगा अवतरित हुई। एवं त्रेतायुग के प्रारंभ की गणना इस दिन से होती है।*

*4. नया वाहन लेना या गृह प्रवेश करना, आभूषण खरीदना इत्यादि जैसे कार्यों के लिए तो लोग इस तिथि का विशेष उपयोग करते हैं। मान्यता है कि यह दिन सभी का जीवन में अच्छे भाग्य और सफलता को लाता है। इसलिए लोग जमीन जायदाद संबंधी कार्य, शेयर मार्केट में निवेश रीयल एस्टेट के सौदे या कोई नया बिजनेस शुरू करने जैसे काम भी लोग इसी दिन करने की चाह रखते हैं...*

*5. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर सामर्थ्य अनुसार जल,अनाज,गन्ना,दही,सत्तू,फल,सुराही,हाथ से बने पंखे वस्त्रादि का दान करना विशेष फल प्रदान करने वाला माना गया है।*

*6. इस दिन प्राप्त आशीर्वाद बेहद तीव्र फलदायक माने जाते हैं। भविष्य पुराण के अनुसार इस तिथि की गणना से त्रेता युग का आरंभ इसी तिथि को हुआ था।*

*7.रेणुका के पुत्र परशुराम और ब्रह्मा के पुत्र अक्षय कुमार का प्राकट्य इसी दिन हुआ था। इस दिन श्वेत पुष्पों से पूजन कल्याणकारी माना जाता है।*

*8.दान करने से जाने-अनजाने हुए पापों का बोझ हल्का होता है और पुण्य की पूंजी बढ़ती है। अक्षय तृतीया के विषय में कहा गया है कि इस दिन किया गया दान खर्च नहीं होता है, यानी आप जितना दान करते हैं उससे कई गुणा आपके अलौकिक कोष में जमा हो जाता है।*

*9. मृत्यु के बाद जब अन्य लोक में जाना पड़ता है तब उस धन से दिया गया दान विभिन्न रूपों में प्राप्त होता है। पुनर्जन्म लेकर जब धरती पर आते हैं तब भी उस कोष में जमा धन के कारण धरती पर भौतिक सुख एवं वैभव प्राप्त होता है। इस दिन स्वर्ण, भूमि, पंखा, जल, सत्तू, जौ, छाता, वस्त्र कुछ भी दान कर सकते हैं। जौ दान करने से स्वर्ण दान का फल प्राप्त होता है।*

*10. इस तिथि को चारों धामों में से उल्लेखनीय एक धाम भगवान श्री बद्रीनारायण के पट खुलते हैं। अक्षय तृतीया को ही वृंदावन में श्रीबिहारीजी के चरणों के दर्शन वर्ष में एक बार ही होते हैं। अक्षय तृतीया के संपूर्ण पुण्य प्रभाव से आपका जीवन सदा आनंदित रहे।*

*“हे चराचर जगत के स्वामी, श्री हरि विष्णु आप अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”🙏🏻*
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*हरि ॐ गुरुदेव..!*
*✍️ आचार्य आकाश तिवारी*
*🌺संपर्क सूत्र 9651465038🌺*
*🌹गोरखनाथ मंदिर गोरखपुर🌹*

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