अपार संभावनाओं का असीमित क्षेत्र पूर्वांचल

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*अपार संभावनाओं का असीमित क्षेत्र पूर्वांचल*
जीवनदायिनी माँ गंगा, राप्ती, घाघरा और रोहिनी नदी के तट पर बसा पूर्वांचल अपने आप में असीमित और अपार संभावनाओं का क्षेत्र हैं। 
पूर्वांचल क्षेत्र का इतिहास बड़ा ही अनूठा और साहसिक रहा है, भारतीय स्वाधीनता की लड़ाई में मंगल पाण्डेय और चित्तू पांडेय जैसे सूरमा इसी पूर्वांचल के लाल थे तथा गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ का सिद्ध पीठ स्वतंत्रता के युद्ध में अपने बहुमुल्य योगदान के साथ-साथ सनातन संस्कृति को संरक्षित किया है। 
ऐसे तमाम योध्दा पूर्वांचल से रहे है जिन्होंने भारत की आजादी में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। 
यदि हम बात पूर्वांचल में शिक्षा की करें तो पूर्वांचल के शैक्षिक संस्थान समूचे विश्व में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। बाबा विश्वनाथ की नगरी वराणसी मे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी,महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी,वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर,दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर तथा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थ नगर जैसे उच्च शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थी समाज में ऐसी कोई विधा नही होगी जिसमें अग्रणी भूमिका न निभा रहे हो। 
राजनैतिक कला से भी पूर्वांचल अछूता नहीं रहा है ऐसा कहा जाता है कि दिल्ली दरबार और यूपी विधानसभा का मार्ग पूर्वांचल से होकर ही गुजरता है, इसी पूर्वांचल के क्षेत्र ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में स्व. चंद्रशेखर सिंह तथा यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में स्व. वीर बहादुर सिंह जैसे जननेता को दिया है। पूर्वांचल क्षेत्र के ऐसे कई नाम है जिन्होंने राजनीति की प्रथम पाठशाला छात्र राजनीति से निकलकर आज देश और प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं आज भी यह पूर्वांचल के लिए गौरव की बात है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विधानसभा क्षेत्र पूर्वांचल से ही संबंध रखता है। 
व्यवसाय और उद्योग के दृष्टिगत पूर्वांचल का विशेष स्थान रहा है। बनारसी रेशमी साड़ी, कपड़ा उद्योग, कालीन उद्योग एवं हस्तशिल्प पूर्वांचल के प्रमुख उद्योग हैं, विश्वप्रसिद्ध बनारसी पान और कलाकंद भी इस क्षेत्र के उद्योगों की शोभा बढ़ाते हैं। 
प्रधानमंत्री के वोकल फ़ॉर लोकल के नारे को साकार कर रहे पूर्वांचल में टेराकोटा और मुबारकपुर की साड़ी का विशेष स्थान है, गोरखपुर का खाद कारखाना पूर्वांचल क्षेत्र के लोगों का रोजगार का प्रमुख स्रोत है। 
सड़को और रेलवे ने पूर्वांचल को नया जीवनदान दिया है, पूर्वांचल एक्स्प्रेसवे इस क्षेत्र के विकास में बहुमुल्य भूमिका का निर्वाह कर रहा है। 
पूर्वांचल के समस्त जनपद रेलवे से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं इसके साथ ही उत्तर मध्य रेलवे का मुख्य़ालय प्रयागराज, जबकि पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय पूर्वांचल के यातायात को और अधिक सुलभ बनाये है। 
पुर्वांचल विकास की नयी इबारत को लिख रहा बिजली,पानी और इस क्षेत्र की जलवायु ने गंगा के इस मैदानी क्षेत्र को हरा भरा कर रहे है। 


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