रेलवे में अवैध पार्किंग से जीएसटी के नाम पर दिन दोगुनी रात चौगुनी धनउगाई
पर्ची में दिए शिकायत नंबर पर कॉल करने से पता चला कि हमारी पार्किंग नहीं है नंबर गलती से उस पर चढ़ गया होगा
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के नाम से गोरखपुर में कई वेध और अवैध पार्किंग चल रही है। नियमानुसार पार्किंग के बहुत सी गाइडलाइन होती है जिसमें ठेकेदार को अपना लाइसेंस नंबर नाम शुल्क आदि के साथ बैनर लगवाना अनिवार्य होता है। नियमों को ताक पर रखकर कुछ लोग बिना लाइसेंस नंबर के बिना गाइडलाइन ठेकेदार बनकर जोरदार वसूली कर रहे हैं। कायदे और नियम पूछ लेने पर आम जनता पर ऐसे टूट पड़ रहे हैं जैसे किसी ने यह पूछ कर गुनाह कर दिया हो। दरअसल यह मामला गोरखपुर प्लेटफार्म नंबर 9 के पीछे बने अवैध पार्किंग का है जहां मानक के विपरीत ठेकेदार अवैध वसूली को तत्पर हैं इंन्द्र कंस्ट्रक्शन का बोर्ड लगाकर के ठेकेदार दिन दुगनी रात चौगुनी धड़ले से कमाई कर रहे हैं। सबसे हैरत में डालने वाली बात तो यह है कि वहां जो पार्किंग की पर्ची मिल रही है उसमें जो शिकायत नंबर है उस पर फोन करने पर यह पता चलता है कि वह पार्किंग हमारी नहीं है वह गलत नंबर डल गया है आदि आदि।
यह सुनकर के सबके होश उड़ गए। कैसे इतना बड़ा गिरोह पार्किंग के नाम पर लोगों से धड़ल्ले से धनउगाई कर रहा है। ब्रह्मानंद तिवारी नाम का पतला दुबलाश लड़का व प्रिंस पांडे नाम का व्यक्ति अपना अपना पार्किंग ठेका बताते है। किसकी बात में कितनी सच्चाई इसको लेकर हम रेलवे सीपीआरओ पंकज सिंह से जवाब तलब में है। जल्द ही आगे की जानकारी दी जाएगी।
