एक माह में पांच सोमवार का विशेष अनुक्रम बन रहा - पं देवेन्द्र प्रताप मिश्र

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एक माह में पांच सोमवार का विशेष अनुक्रम बन रहा - पं देवेन्द्र प्रताप मिश्र 
गोरखपुर । श्री हृषीकेश पंचांगीय गणना के अनुसार इस बार 22 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत हो रही है। श्रावण की शुरुआत सोमवार के दिन होगी तथा समापन पर भी सोमवार का दिन रहेगा। एक माह में पांच सोमवार का विशेष अनुक्रम बन रहा है। हालांकि तिथि की घट बढ़ के कारण श्रावण 30 के बजाय 29 दिन का रहेगा। विशेष यह है कि श्रावण की शुरुआत श्रवण नक्षत्र में होगी, जो जनमानस के लिए शुभ व कल्याणकारी मानी जा रही है। 22 जुलाई को सोमवार के दिन, श्रवण नक्षत्र, प्रीति योग तथा मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में श्रावण मास की शुरुआत होगी। इस बार श्रावण मास में दो तिथियों का क्षय है, इस दृष्टि से यह माह 29 दिन का रहेगा। श्रावण की शुरुआत सोमवार के दिन होगी तथा समापन पर भी सोमवार रहेगा।
कुल पांच सोमवार आएंगे
इस माह में कुल पांच सोमवार आएंगे। धर्म आराधना की दृष्टि से पंचांग की यह स्थितियां शुभ हैं। शिव आराधना के लिए विशेष माह श्रावण मास में सोमवार का विशेष महत्व है, क्योंकि श्रावण का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है और भगवान शिव का दिन भी सोमवार बताया गया है। खासकर श्रवण नक्षत्र में सावन का आरंभ श्रवण नक्षत्र में सोमवार का दिन विशेष रूप से फल देने वाला बताया जाता है।

अमृत सिद्धि, सर्वार्थ सिद्धि, रवि पुष्य जैसे खास योग होने से भारतीय ज्योतिष शास्त्र में योग संयोग का विशेष महत्व बताया जाता है। इस बार श्रावण मास में पांच सर्वार्थ सिद्धि योग एक अमृत सिद्धि योग और रवि पुष्य का विशेष संयोग रहेगा। ऐसी मान्यता है कि इन योगों में भगवान शिव की विशेष आराधना कार्य की सिद्धि के साथ-साथ मनोवांछित फल प्रदान करती है। यही नहीं इन योगों के दौरान विशेष कार्य भी साधे जा सकते हैं।इस साल श्रावण मास सोमवार से शुरू होकर सोमवार को ही खत्म हो रहा है। श्रावण मास का आरंभ सोमवार व समाप्ति सोमवार को होने का योग पूर्व में 1976, 1990, 1997 व 2017 में बना था। भविष्य में 2024 में यह अद्भुत संयोग बनेगा। उस समय 22 जुलाई सोमवार से श्रावण मास प्रारंभ होकर 19 अगस्त सोमवार को समाप्त होगा।

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