Basti /Uttar Pradesh-बस्ती जनपद बस्ती में शुक्रवार को “जिला स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026, प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं आत्मा योजनान्तर्गत गोष्ठी” का भव्य आयोजन भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, रसायनों के कम प्रयोग और मोटे अनाज की खेती बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्रा ने की, जबकि मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल रहे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान हर्रैया विधायक प्रतिनिधि सरोज मिश्रा, विधान परिषद सदस्य प्रतिनिधि हरीश सिंह, कप्तानगंज विधायक प्रतिनिधि गुलाब सोनकर, बस्ती सदर विधायक प्रतिनिधि सलीम अहमद, ब्लॉक प्रमुख रामनगर यशकान्त सिंह तथा भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय की मौजूदगी रही।
उप कृषि निदेशक अशोक कुमार ने खरीफ-2026 की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि जिले में किसानों के लिए बीज, खाद और कृषि रक्षा रसायनों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के तहत रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा दे रही है, ताकि मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़े और किसानों की लागत कम हो सके। उन्होंने किसानों से संतुलित उर्वरक प्रयोग करने की अपील भी की।
प्रगतिशील किसान अवधेश पाण्डेय ने गौ आधारित प्राकृतिक खेती को किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाला अनाज तैयार होता है। उन्होंने किसानों को घनजीवामृत और जीवामृत बनाने की विधि भी विस्तार से समझाई।
कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. अंजली वर्मा ने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन में कोई कमी नहीं आती, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है। वहीं कर्नल के.सी. मिश्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बिना रासायनिक खाद के भी बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है।
भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष दिलीप पाण्डेय ने किसानों से अपील की कि वे शुरुआत में अपनी कुछ जमीन पर प्राकृतिक खेती करें और धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि घरों में किचन गार्डेन विकसित कर गोबर की खाद का प्रयोग करना चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्रा ने कहा कि मोटे अनाज की खेती समय की जरूरत है। इससे लोगों को पौष्टिक आहार मिलेगा और प्राकृतिक खेती के साथ पशुपालन अपनाने से खाद्यान्न में रसायनों की मात्रा भी कम होगी।
कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले कई प्रगतिशील किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। अंत में जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्या ने सभी अतिथियों, किसानों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर संयुक्त कृषि निदेशक राम बचन राम, जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा, भूमि संरक्षण अधिकारी सुदीप वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वी.बी. सिंह, डॉ. राघवेन्द्र विक्रम सिंह, डॉ. प्रेमशंकर, जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार त्रिपाठी सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
Afjal Quraishi /Basti
