Basti/Uttar Pradesh-नगर पंचायत नगर बाजार स्थित मदरसा के विशाल ग्राउंड में चल रहे 10 दिवसीय तकरीर कार्यक्रम के चौथे दिन गम-ए-आका हुसैन में पूरा माहौल गमगीन नजर आया। कार्यक्रम में पहुंचे अकीदतमंदों ने बड़ी तादाद में शिरकत कर कर्बला की शहादत को याद किया। मजलिस और तकरीर के दौरान या हुसैन की सदाओं से गूंज उठा।
मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना मुनव्वर ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने इंसानियत, अमन और सच्चाई को बचाने के लिए अपना प्यारा वतन मदीना मुनव्वरा छोड़कर कर्बला की तरफ रुख किया था। उन्होंने कहा कि कर्बला का वाकया केवल मुसलमानों के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए सबक है।
इमाम हुसैन ने जुल्म और नाइंसाफी के सामने कभी सिर नहीं झुकाया और अपने परिवार के साथ शहादत कुबूल कर इंसाफ और हक की लड़ाई को हमेशा के लिए जिंदा कर दिया।
मौलाना ने कहा कि आज के दौर में लोगों को कर्बला के पैगाम को समझने की जरूरत है। हमें आपसी भाईचारा, मोहब्बत, इंसानियत और सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने नौजवानों से दीन की तालीम हासिल करने और समाज में अमन कायम रखने की अपील की।
कार्यक्रम में कारी नूर आलम हाफिज गुलाम सरवर फैज मोहम्मद इम्तियाज अहमद सरवर आलम कमरुल हुदा अहमद रज़ा कलीम कलीमुल्लाह अंसारी पप्पू सद्दाम इज़हार अहमद सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि यह तकरीर कार्यक्रम लगातार 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें अलग-अलग उलेमा कर्बला की शहादत और दीन-ए-इस्लाम की अहमियत पर रोशनी डालेंगे। अंत में मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआ कराई गई।
Afjal Quraishi /Basti
