बस्ती/उत्तर प्रदेश- नगर पंचायत नगर बाजार में कार्यरत सफाई कर्मी व इलेक्ट्रीशियन पद पर तैनात संविदा कर्मचारियों ने अपनी सेवा समाप्त किए जाने को मनमाना और अन्यायपूर्ण बताया है। प्रार्थीगण का कहना है कि वे लगभग चार वर्षों से नियमित रूप से कार्य कर रहे थे, इस दौरान किसी प्रकार की शिकायत या आरोप नहीं लगा था। इसके बावजूद नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्टीकरण के अचानक पद से हटा दिया गया।
कर्मचारियों का कहना है कि 8 अक्टूबर 2025 तक वे नियमित रूप से अपने कार्य पर उपस्थित रहे। इसी अवधि में सभाजीत पुत्र मेहीलाल को गांधी जयंती (2 अक्टूबर 2025) के अवसर पर उनके उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित भी किया गया था। इसके बाद अचानक एक पत्र जारी कर कार्यालय के बोर्ड पर सूचना चस्पा कर दी गई, जिससे उन्हें अपने निष्कासन की जानकारी हुई।
कर्मचारियों संदीप कुमार, राकेश कुमार, धर्मेन्द्र, सूरज, रामसकल, सभाजीत, अरविन्द्र चौधरी, पवन, लालबहादुर, पंकज राव और रामशंकर गुप्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पुनः अपने पद पर बहाल किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना नोटिस या कारण बताए सेवा समाप्त करना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
कर्मचारियों ने जिलाधिकारी बस्ती व उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि जल्द जांच नहीं कराई गई तो वे सामूहिक रूप से न्यायिक कार्यवाही करने को बाध्य होंगे।
रिपोर्टर-अफ़ज़ाल क़ुरैशी
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