भाद्रपद शुक्ल नवमी व दशमी को महा रविवार व्रत किया जाएगा

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भाद्रपद शुक्ल नवमी व दशमी को महा रविवार व्रत किया जाएगा
     *आचार्य आकाश तिवारी*
कल रविवार के दिन सुबह स्नान कर लाल या सोने के रंग के कपड़े पहनकर जलपात्र में गंगाजल, तिल, रोली,  एवं लाल फूल लेकर सूर्य मंत्र: *ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजोराशे जगत्पते।* 
*अनुकंपय माम भक्त्या गृहणार्घ्य दिवाकर:।।* 
  *ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय, सहस्त्रकिरणाय।* 
*मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा: ।।*  
*ॐ भूर्भुव स्व तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न प्रचोदयात्।।*
मंत्र से जलदान करें एवं भूमि पर आसन लगा कर बैठ कर एक थाली में सूर्य प्रतिमा या सूर्य यंत्र स्थापित कर इनका आवाहन, स्थापन कर विधिवत, ध्यान, पाद्य,अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, चंदन, अक्षत,फूल, धूप, दीप, नैवेद्य, आचमन, दक्षिणा, प्रार्थना पूर्वक पूजन कर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ एवं सूर्य गायत्री मंत्र का जप कर आरती करना चाहिए। इसके बाद पुनः सूर्य देव को जल, रक्त चंदन, अक्षत, लाल पुष्प और दुर्वा से अर्घ्य देकर पूजन करे। उनको नैवेद्य में मिठ्ठा से बना पकवान, या दही चुड़ा मिठ्ठा  या मालपुआ, या मीठ्ठा वाला खीर पूड़ी, या  हलुआ पुड़ी इत्यादि जो संभव हो सके अर्पित कर गाय, ब्राह्मण एवं बालकों के लिए भोजन अर्पण कर स्वयं प्रसाद ग्रहण करें।
ध्यान रहे...  सूर्यास्त के बाद भोजन नही करें। यदि सूर्यास्त के बाद कुछ खाने की इक्षा हो तो केवल  पेय पदार्थ, दूध या  दूध में केला मिस कर पी सकते हैं।

*रविवार व्रत करने के फायदे*

रविवार सूर्य देव का दिन होता है और सूर्य राज्य एवं पिता के कारक ग्रह हैं इस दिन उनकी आराधना करने से पिता और राज्य की ओर से विशेष लाभ मिलता है। 
सूर्य की कृपा से संपूर्ण आरोग्यता और समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है। 
ये भाग्य के कारक ग्रह हैं अतः इनके आराधना से भाग्योदय होता है और नौकरी संबंधी समस्त परेशानियां दूर होती है। 
सूर्य देव प्रसन्न हो जाए तो समस्त अशुभ फल भी शुभ में परिवर्तित हो जाते है।
सूर्य नमस्कार करें, इससे बुद्धि, विद्या, वैभव, तेज, ओज और पराक्रम आता है।

*सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय:-* 

रोजाना सूर्योदय से पहले उठे और स्नान के बाद तांबे के पात्र में जल, मिठ्ठा, लाल फूल, एवं लाल चंदन डाल कर सूर्यनारायण को तीन बार अर्घ्य देकर प्रणाम करें। 
संभव हो तो संध्या के समय फिर से सूर्य देव को तीन बार अर्घ्य देकर प्रणाम करें।
सूर्य मंत्र का जप पूरी श्रद्धा के साथ करें।
आदित्य हृदय का नियमित नित्य पाठ करें।
*रविवार को वर्जित कार्य:-*
- रविवार को तेल और नमक का सेवन और रात्रि में भोजन ना करें।
- मांस या मदिरा से पूरी तरह  दूरी बनाए रखें।
- रविवार को बाल न कटाएं और तेल की मालिश भी ना करें।
- तांबे की धातु से बनी वस्तु ना खरीदें और ना ही बेचे।
- नीला, काला और ग्रे रंग के कपड़े ना पहने, और यदि जरूरी ना हो तो जुते पहनने से भी बचे।
*भगवान भास्कर हम सबको उत्तम आयु आरोग्यता, तेज,शौर्य सम्मान, उच्च पद प्रतिष्ठा, सुखी सन्तान सुख प्रदान कर सबका जीवन सुखमय बनावें।*
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*हरि ॐ गुरुदेव..!*
*✒✍🏻 * 
*आचार्य आकाश तिवारी*
*🌹संपर्क सूत्र 9651465038🌹*
*🌺(गोरखनाथ मंदिर गोरखपुर)🌺*

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