वैस्कुलर व प्लास्टिक सर्जरी करके मजदूर का बचाया गया हाथ

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वैस्कुलर व प्लास्टिक सर्जरी करके एक मजदूर का बचाया हाथ

गोरखपुर । गोरखपुर चिकित्सा के क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान करता जा रहा है आज सुबह 35 वर्षीय राम लखन शाही (पुरुष) ग्लोबल हॉस्पिटल में आपातकालीन स्थिति में पहुंचे। जिनकी बाएं हाथ की नस कलाई के पास से कटी हुई थी। चोट में बाए हाथ की दोनों खून की नसें जिसे रेडियल आर्टरी और अलनर आर्टरी कहा जाता है कट गई थी। 

इसके साथ अंगुलियों को गति प्रदान करने वाले नशे जिसे टेंडन कहा जाता है वह भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका था। मरीज एक लेबर है तथा ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, भगत चौराहा ,तारामंडल  में एक चपरासी का काम करता है ।सुबह कुछ काम करते समय मशीन से ब्लेड अलग होकर इसके कलाई को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दी ।

       शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में डॉक्टर शिव शंकर शाही ने इस मरीज को तुरंत देखा तथा सलाह दी किसकी वैस्कुलर सर्जरी 6 घंटे के अंदर होनी चाहिए नहीं तो हाथ काटना पड़ेगा। गरीब मजदूर रोने लगा और बेसहारा होकर बोला कि साहब मैं कहीं बाहर नहीं जा सकता आप कोशिश करके यहीं पर इलाज करें मैं बहुत गरीब हूं तथा मेरे पास इतना पैसा नहीं है। कुछ ही देर में ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के मैनेजर  तथा कुछ  स्टाफ आ गए ।सबने  मिलकर यही फैसला किया गया कि ऑपरेशन तुरंत किया जाए नहीं तो इस गरीब का  हाथ खराब हो जाएगा।

      सजनी के लिए डॉ शिव शंकर शाही सर्जन,डॉ नित्यानंद प्लास्टिक सर्जन, भूपेंद्र प्रताप सिंह बेहोशक  की टीम अथक परिश्रम करने के बाद खून की दोनों धमनियों  को जोड़ा तथा अंगुलियो  को गति देने वाले टेंडन  की प्लास्टिक सर्जरी की गई। ऐसा देखा गया है इस तरह की सर्जरी में मात्र 50% ही उम्मीद होती है हाथ बचने का । लेकिन यह सर्जरी गोल्डन (वह समय जिसके अंदर अगर इलाज चालू किया जाय तो मरीज को ठीक होने की संभावना ज्यादा होता है) सही समय के अंदर कर दी गई, जिसकी वजह से इस गरीब के हाथ बचने की संभावना 70% है । 

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